नींव पूजन, भूमि पूजन, गृह निर्माण मुहूर्त 2024 | गृह निर्माण के लिए भूमि पूजन मुहूर्त | Griha Nirman Muhurat

Griha Nirman Muhurat – आज हम गृह निर्माण मुहूर्त, भूमि पूजन, नींव पूजन, के बारे में जानने वाले हैं। इसमें हम इस वर्ष पडने वाले सभी शुभ मुहूर्त के बारे में जानेंगे। जिससे आप अपना गृह निर्माण का कार्य शुभ समय पर प्रारंभ कर सकें। क्योंकि घर बनाना सभी का एक सपना होता है। उस सपने को पूरा करने के लिए हर व्यक्ति अपना मेहनत से कमाया हुआ पैसा लगा देता है।

इसलिए नींव पूजन, भूमि पूजन, गृह निर्माण के लिए शुभ मुहूर्त का होना अनिवार्य है। क्योंकि शुभ मुहूर्त में किया गया कार्य सर्वथा शुभ फल देता है। इसलिए हम नींव पूजन, भूमि पूजन, गृह निर्माण करने से पहले शुभ मुहूर्त के बारे में जानेंगे। जिसमें हम अपना नींव पूजा, भूमि पूजन करेंगे।

यहां पर नींव पूजन, भूमि पूजन, गृह निर्माण मुहूर्त के बारे में जानकारी दिया गया है। जिसमें आप अपना गृह निर्माण का कार्य प्रारंभ कर सकते हैं।

गृह निर्माण मुहूर्त जनवरी 2024

दिनांकवारसमय
25 जनवरी 2024गुरुवारसुबह 9:46 से सुबह 10:48 तक – शनि दान,
रात 9:06 से रात 11:20 तक – केतु दान

गृह निर्माण मुहूर्त फरवरी 2024

दिनांकवारसमय
21 फरवरी 2024बुधवाररात्रि 11:55 से अगले रात्रि 2:02 तक
22 फरवरी 2024गुरुवारसुबह 10:30 से दोपहर 12:26 तक

गृह निर्माण करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

यहां पर गृह निर्माण करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना अति आवश्यक है। इसके बारे में बतलाया गया है। जिससे आप गृह निर्माण करते समय किन बातों का ध्यान रख सके। जिससे गृह निर्माण करते समय कोई गलती ना हो।

Griha Nirman Muhurat – जब भी आप गृह निर्माण करें। उस समय गृह स्वामी को जल्दबाजी नहीं करना चाहिए। गृह निर्माण को करने के लिए समय देना चाहिए। ज्योति के किसी विशेषज्ञ से शुभ मुहूर्त निकलवाना चाहिए। यह मुहूर्त गृहस्वामी के लग्न राशि के अनुसार होना चाहिए। क्योंकि लग्न राशि के अनुसार निकाला गया मुहूर्त गृह निर्माण के लिए शुभ माना जाता है।

हालांकि कुछ लोग का जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान के बारे में जानकारी नहीं होता है। अर्थात वह अपने date of birth को नहीं जानते हैं। तो उन व्यक्तियों के लिए केवल नाम राशि एकमात्र उपाय होता है। जिससे उनकी लिए शुभ मुहूर्त का चुनाव किया जा सके। हालांकि उनके लिए शुभ तिथि, नक्षत्र, योग, करण आदि को देख कर भी मुहूर्त का चुनाव किया जा सकता है।

गृह निर्माण के लिए शुभ समय

भूमि पूजन के लिए शुभ तिथि, शुभ वार, शुभ नक्षत्र, शुभ योग और शुभ करण का होना अति आवश्यक है। इसलिए जब भी आप भूमि पूजन या नींव पूजन करें, तो अपने लग्न राशि के अनुसार ही नक्षत्र और तिथि का चुनाव करें।

तो चलिए आज हम जान लेते हैं, कि वह कौन सा वार, नक्षत्र, तिथि, माह और शुभ लग्न है। जिसमें गृह निर्माण का कार्य कर सकते हैं। लेकिन एक बार फिर आपको बता देना चाहते हैं। की यह बताया गया तिथि, नक्षत्र और वार शुभ है। लेकिन जब भी आप अपने भूमि पूजन के लिए मुहूर्त निकलवाये तो उसको अपने date of birth के अनुसार निकलवानये।

शुभ मुहूर्त कैसे देखते हैं?

यहां पर हम भूमि पूजन या नींव पूजन के शुभ मुहूर्त के बारे में बता रहे है। कि कैसे आप स्वयं भूमि पूजन का शुभ मुहूर्त देख सकते हैं। भूमि पूजन मुहूर्त को देखने के लिए आप किसी भी पंचांग का सहारा ले सकते हैं। और नीचे बताए गए ग्रह, नक्षत्र, तिथि, वार के अनुसार आप स्वयं नींव पूजन का शुभ मुहूर्त निकाल पाएंगे।

भूमि पूजन मुहूर्त कैसे निकाले?

भूमि पूजन का शुभ मुहूर्त निकालने के लिए नक्षत्र, मास, वार, तिथि, लग्न को देखा जाता है। इन सभी को देखकर ही एक शुभ नींव पूजन का मुहूर्त निकाला जा सकता है।

नक्षत्र – तीनों उत्तरा, मृगशिरा, पुष्य, अनुराधा, धनिष्ठा, श्रवण, चित्रा, हस्त, स्वाती, रोहिणी और रेवती नक्षत्र शुभ है।

मास – चैत्र, वैशाख, श्रावण, मार्गशीर्ष, मास में सूर्य मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर और कुंभ में स्थित हो तो सर्वश्रेष्ठ है।

वार – सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार और शनिवार शुभ है।

तिथि – प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी और पूर्णिमा शुभ है।

लग्न – वृषभ, मिथुन, सिंह, कन्या, वृश्चिक, धनु, कुंभ और मीन शुभ लग्न है।

नींव रखने का सर्वश्रेष्ठ नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़, उत्तराभाद्रपद और रोहिणी

निर्माण के लिए सर्वश्रेष्ठ नक्षत्र – मृगशिरा, रेवती, अनुराधा, शतभिषा, चित्रा, धनिष्ठा, हस्त और पुष्य नक्षत्र

भूषयनदोष – भूषयनदोष होने पर गृह निर्माण नहीं करना चाहिए। 

भूमि पूजन में क्या क्या चाहिए?

भूमि पूजन में इस्तेमाल होने वाला सामग्री का सूची आपको पंडित जी के द्वारा मिल जाएगा। आप उन्हीं सामग्री को लाएं। यहां पर कुछ मुख्य सामग्री मैं बता देता हूं। सुपारी, फूल गुच्छा, चावल, कुल्हाड़ी, नारियल, हल्दी पाउडर, कुमकुम, फल, प्रसाद, कपूर, अगरबत्ती, आरती के लिए कपास, तेल या घी, दीप या दीया, पानी, पेपर टॉवल, क्वार्टर सिक्के, नवरत्न या पंचधातु।

भूमि पूजन क्यों किया जाता है?

भूमि पूजन करने से उस जगह का नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाता है। और वहां पर सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। इसलिए भूमि पूजा किया जाता है।

घर बनाने के लिए कौन सा दिन अच्छा है?

जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है की भूमि पूजन के लिए शुभ दिन सोमवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार और शनिवार है।

गृह निर्माण, भूमि पूजन करने का विधि

अब हम यहां पर भूमि पूजन करने के विधि के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। हालांकि यह जानकारी केवल आपके लिए है। क्योंकि आप जिस भी ब्राह्मण से भूमि पूजन करवाएंगे। वह अपने अनुसार भूमि पूजन करेंगे।

• मुहूर्त के समय जो भी शुभ दिशा निकले उस दिशा को आप साफ सुथरा कर ले।
• इस स्थान पर आप गंगाजल भी डाल सकते हैं। जिससे यह स्थान शुद्ध हो जाएगा।
• जब आपका पूजा प्रारंभ होगा। उस समय पूजा में बैठने वाला व्यक्ति जो भूमि पूजन करवा रहा है। वह पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठेगा।
• अब पंडित भगवान श्री गणेश की पूजा करेंगे। दीपक भी जलायेगे। जिससे निर्माण कार्य में आने वाले सभी विघ्न बाधाएं दूर हो जाएंगे।
• इसके बाद नाग देवता और कलश की पूजा किया जाएगा।
• कलश को स्थापित करने के लिए कलश में एक सिक्का और सुपारी रखा जाएगा। आम के पत्ते रखकर उसके ऊपर नारियल रखा जाएगा।
• महा लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा प्रारंभ किया जाएगा।
• मंत्र आदि का जप करने के बाद दूध, घी और दही डालकर नागदेव की पूजा किया जाएगा।
• पूजा के दौरान कुल देवता की भी पूजा किया जाता है।
• अब जमीन में नींव खोदकर उसमें ईंट रखा जाता है।

      You cannot copy content of this page

      Ask Muhurt
      Logo